पूंतानम का उण्णी 🙏 | जब भगवान बेटा बनकर आए | गुरुवायूर कथा
बरसों की प्रार्थना के बाद मिला बेटा, अन्नप्राशन के दिन ही आँखें मूँद बैठा। टूटे मन से पूंतानम गुरुवायूर चल पड़े।
उसी रात दीयों की रोशनी से एक नन्हा बालक आया और उनकी गोद में आ बैठा — मान्यता है कि वह स्वयं गुरुवायूरप्पन थे। फिर वह कथा भी, जब भगवान को मेल्पत्तूर की विभक्ति से ज़्यादा पूंतानम की भक्ति प्यारी लगी।
"जब नन्हे कृष्ण मेरे मन में खेलते हैं, तो क्या मुझे और बच्चों की ज़रूरत है?" — ज्ञानप्पाना
🎬 Made by Santosh Roy
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यह वीडियो लोक-मान्यताओं और पारंपरिक कथाओं पर आधारित है।
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