गुरुवायूर मंदिर | द्वारका से आई दिव्य मूर्ति 🙏
वह मूर्ति जिसकी पूजा द्वारका में स्वयं श्रीकृष्ण करते थे; द्वारका डूबी तो देवगुरु बृहस्पति और वायुदेव उसे केरल ले आए। शिव-पार्वती का बताया स्थान, "गुरु-वायु-ऊर" नाम की कथा, मेल्पत्तूर का नारायणीयम, और एक ही दिन में 416 शादियाँ (23 अगस्त 2026)।
गुरुवायूरप्पन की जय! नारायण, नारायण! 🙏
🎬 AI एनिमेशन और AI आवाज़ की मदद से बनाया गया।
यह कथा मलयालम में भी: തിരുവല്ലം പരശുരാമ ക്ഷേത്രം | മഴുവെറിഞ്ഞ് പിറന്ന കേരളം 🪓🙏
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