कल्लियंकाट्टु नीली: यक्षी से देवी तक 🌙 | केरल की रहस्यमयी कथा
आधी रात, पाला के फूलों की खुशबू, और एक मधुर आवाज़: "क्या मुझे थोड़ा चूना मिलेगा?" यह कथा है केरल की सबसे प्रसिद्ध यक्षी, कल्लियंकाट्टु नीली की।
मान्यता है कि अल्ली को उसके पति नंबी ने गहनों के लालच में मार डाला था, और वह नीली बनकर फिर जन्मी और अपना बदला लिया। कहते हैं, कडमट्टत्तु कत्तनार ने उसे अपनी शक्ति से बाँध लिया; वहाँ से भागकर नीली परुमला के वलिया पनयन्नारकावु पहुँची, जहाँ देवी ने उसे शरण दी।
आज भी पनयन्नारकावु में नीली के छोटे-से मंदिर पर भक्त काली चूड़ियाँ चढ़ाते हैं, और कल्लियंकाडु में वह नीली अम्मन के रूप में पूजी जाती है।
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🎬 Made by Santosh Roy
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यह वीडियो लोक-मान्यताओं और पारंपरिक कथाओं पर आधारित है।
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